मैं दिन तारीख के मामले में बहुत भुलक्कड़ हूँ ।हमेशा भूल जाती हूँ। रात को सोते हुए जब मोबाइल की स्क्रीन पर व्हाट्सएप्प ,मेसेंजर के आइकॉन दिखाई दिए तो लगा रात के 12 बजे के बाद ये संदेश कौन भेज रहा है देखा तो पुरान- नए सभी दोस्तों के फ्रेंडशिप डे विश करने के मैसेज थे ।देखकर खुशी हुई और नींद मेरी ,कहाँ भाग गई पता ही नहीं चला ।
पता खुशी क्यों हुई ? क्योंकि आज की भागदौड़ वाली लाइफ में जहाँ हमारे पास खुद के लिए वक़्त नही ,ऐसे में अपनों के लिए निकाल पाना मुश्किल होता है। पर इसके लिए पश्चिमी सभ्यता का आभार ,जिसने इन दिनों को घोषित करके उस कमी को भी दूर करने की पूरी कोशिश की।हालांकि हम भारतीयो को ऐसे दिनों की जरूरत पहले कभी नही पढ़ी, क्योंकि हम दिलों से जुड़ने वाले लोग है जो अच्छे बुरे हर समय अपनों को याद कर लेते है पर शायद इस चलन का अब बढ़ना इस बात को तो इंगित करता है कि शायद अब समय की मांग ही यही है । और मनुष्य होने के नाते समय के अनुरूप ढलना ही हमारा कर्तव्य भी । और हम सब ढल भी रहे है ।
पर आज भी जब मम्मी पापा की अपने ज़माने की बातें सुनती हूँ तो यही लगता है कि रिश्ते तो लोग उस वक़्त जीते थे। अब तो हम सिर्फ औपचारिकता ही कर रहे है । जब भी पापा से बात होती है पापा बताते है कि किसी भी वक़्त उनके दोस्त घर आ जाते थे और घंटों बातें हुआ करती थी। मम्मी कहती है कि पापा के दोस्तों से ही पापा के सीक्रेट मम्मी को पता चले और उस वक़्त पापा का ये कहना "हाँ सब कह दो भाभी को और लगा दो आग" कितने मज़ेदार पल होते होंगे न ।
मैं भी ऐसी ही दोस्ती की कमी का अनुभव करती हूं । जहाँ अपनो के लिए वक़्त हो, बातें हो ,मतलब मोबाइल पर नही सामने बैठ कर ढेर सारी बातें और मोबाइल उस वक़्त कहाँ हो किसी को पता ही न चले ,फिर से बचपन ,ज़वानी के दिनों में खोना ,कितना रोमांचक होगा न।
तो चलिए न ,इस फ़्रेंडशिप डे हम सिर्फ व्हाट्सअप ,कॉल मेरा मतलब है इस वर्चुअल दुनियां से दूर होकर अपने दोस्तों से खुद रूबरू क्यों न हो जाये ?उसने उनके हालचाल की पूरी दास्तान क्यों ले ली जाए, कुछ उनकी तो कुछ अपनी क्यों न कह दी जाए, प्यार गर बाँटने का नाम है तो चलो आज अपनों से बाँट ही लिया जाए।
सब रास्ते जब खत्म हो जाते है
खुल जाता है दरवाज़ा उसका
जिसको लोग दोस्त बुलाते है
मेरे सभी पागल दोस्तों को ,जिन्होंने मेरे मूडी मन को समझा और मुझे संभाला ...हैप्पी फ्रेंडशिप डे... हम तो आज ही मिलेंगें अपने जिगर के टुकूड़ों से...💐💐💐💐।
प्रियंका "श्री"
4/8/19
Saturday, August 3, 2019
फ्रेंडशिप डे
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