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Friday, October 2, 2020

उम्मीद

#उम्मीद
लोग कहते है जीने के लिए बहुत जरूरी होती है उम्मीद। बिना इसके जीवन मे बहाव कैसा? फिर तो बात वही हो जाती है कि जो है सो है। जैसी धारा है वैसी धारा में ही बहते चलो। पर जब भी जिंदगी ने उम्मीद का दामन थामा है तब से बहुत कुछ बदला और इसका प्रमाण मानव जाति के उत्थान से ही लगा सकते है। सकारात्मक जीवन का एक आधार है ये।
पर एक राज़ की बात बोलू तो उम्मीद जब हमारी सीमा से बाहर हम कर ले तो ये अभिशाप भी है। 
कैसे? तो सुनिए - उम्मीद अक्सर हम अपनों से कर लेते है और कोशिश करते है या आशा करते है कि हमारे अपने उस उम्मीद को पूरा करें। ये बिना सोचे कि जो उम्मीद हम कर रहे है वो पूरी करने वाली भी है या नहीं । या उसके परिणाम क्या होंगे या उस उम्मीद को पूरा करने के तरीके क्या होगें। और यदि पूरी नहीं हुई तो उसका हम पर या हमारे रिश्तों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। ये सब जाने बिना ही उम्मीद किसी दूसरे से लगाना आपके ख़ुद के जीवन के लिए अभिशाप है।
पर अगर में सकारात्मक पहलू की बात करूं तो ये जरूर कहूंगी कि उम्मीद ख़ुद से करना और उसे पूरा होते देखना ही सुखद है बस उम्मीद ऐसी हो जो दूसरों को कष्ट न दे उनको क्षति न पहुँचाये। 
सकारात्मक परिणाम युक्त उम्मीद दूसरों से पहले ख़ुद से करें और उसे पूरा करने की कोशिश भी करें ।ताकि इस एहसास को पा सके कि उम्मीद को पूरा करने के लिए किए गए प्रयत्न आसान नहीं होते।
मीरांत(meeraant)
2/10/20

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