Friday, February 23, 2018

कुछ लाइने लिखने वालों के नाम

लिखने वालों की भी
अजीब दुनियां होती है
जहां न दुख ,न खुशी की
कमी होती है।

खुद से ही जुड़े होते है
खुद में ही सिमटे होते है
पर जब कलम
चलने को होती है।

तो उसमें कहानी भी
खुद से ज्यादा
औरों की होती है।

ये ऐसे इंसान होते है
जो भाव में निहित
होते है।

कहने वाले तो इन्हें
पागल भी कहते है,
पर ये ऐसे मानव है
जो दूसरों के दुख से
सीधे जुड़े होते है।

इसलिए तो लेखक एक
भावपूर्ण इंसान होते है।
        ~प्रियंका"श्री"
          24/2/18

21 comments:

  1. सार्थक रचना
    ये पर ये ऐसे मानव है
    जो दूसरों के दुख से
    सीधे जुड़े होते है।
    बढिया

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  2. बहुत खूबसूरत रचना

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  3. बहुत बहुत धन्यवाद यशोदा जी

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  4. "कहने वाले तो इन्हें
    पागल भी कहते है,
    पर ये ऐसे मानव है
    जो दूसरों के दुख से
    सीधे जुड़े होते है।"

    लेखको के बारे मैं बहुत ही खूब्सूरती से बयान किया है आपने.....

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  5. क्योंकि लेखक भी एक कलाकार होता है और कलाकार संवेदनशील व भावुक होते .

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  6. मै पर पीड़ा मे अपनी पीडा
    के कुछ शब्दो को लिखता हूँ
    पीर परायी के संग अपने
    शब्द गीत मै गाता हूँ
    माँ वीणा के चरणो मे बस
    अपना शीश झुकाता हूँ
    जग की सारी पीड़ा ही मै
    माँ को समर्पित करता हूँ

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  7. उत्कृष्ट रचना

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  8. सुंदर रचना,एक लेखक ही लेखक का मनोवैज्ञान समझ सकता है

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  9. लाजवाब रचना ....
    सुन्दर सटीक....
    वाह!!!

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद सुधा जी

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  10. खग जानें खग की भाषा ।सुंदर रचना ।

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    Replies
    1. सही कहा आपने।धन्यवाद पल्लवी जी

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  11. वाह क्या गहरे उतर कर एहसास लिखे है प्रियंका जी
    शुक्रिया शुक्रिया 👏👏👏👏👏

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