दोष मुक्त रहे,
रोष मुक्त रहे,
स्वच्छ रहे सदा,
है जन-जन से यही प्रार्थना
पर्यावरण रहे शुद्ध सदा।
न काला अम्बर हो,
न काली धरती हो,
न दूषित हो जलवायु,
न भटके कोई बीमारी,
गर आसपास हो सफाई सदा।
स्वच्छता का सिर्फ यही आधार,
कूड़ा के लिए हो कूड़ापात्र,
सरकार का सिर्फ ये नहीं है कार्य,
हर जन का है ये अधिकार।
प्रत्येक जन जब इसमें प्रतिभाग करे,
अपनें कर्तव्यों का पूर्णनिर्वाह करे,
तब एक स्वच्छ संसार बसे,
अस्वच्छता तब दूर भगे।
~प्रियंका"श्री"
21/2/18
आदरणिया अनुजा प्रियंका श्री जी
ReplyDeleteमन तो मेरा भी करता है
पर्यावरण को शुद्ध बनाऊ मै
पर पत्नी को बोलो बहिना
कैसे समझ दिखाऊ मै
कचरे वाली गाडी मे
कचरा हाथ पकड़ डलवाऊ मै
पोलिथिन नाले मे डाले
पडोसी को कैसे आज छुडाऊ मै
Sahi hai आदरणीय
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