जिंदगी में जब हारने लगो,
तो ,
कुछ वक्त रुकना और सोचना,
क्या ?
यही सोच था तुमने।
गर जबाब "ना" में आये,
तो,
उठना ,
और उन जगहों पर जाना ,
जहाँ हर दिन,हर पल ,
वो लड़ते है अपनी जिंदगी को,
खुशनुमा बनाने में।
~प्रियंका"श्री"
7/3/18
सुन्दर!!!
ReplyDeleteआभार आदरणीय
ReplyDeleteखूबसूरत ख़याल.
ReplyDeleteबहुत खूब
ReplyDeleteBhut sundar
ReplyDeleteआभार सुधा जी
ReplyDeleteआभार लोकेश जी
ReplyDeleteआभार प्रार्थना जी
ReplyDeleteआभार प्रार्थना जी
ReplyDeleteबहुत सुंदर रचना....लाजवाब
ReplyDeleteसरल शब्दों मे गहरे भाव लिये सुंदर रचना।
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