Tuesday, April 10, 2018

विचार

सद्गुरु दे हमकों गुरुवाणी
हम भी बैठे सुनते हैं
ज्ञान कहाँ से आये हृदय में
जब हृदय में अवगुण बसते हैं
न सार्थ हो गुरुवाणी का
न सार्थ हो ऐसे सत्संग का
जहां बैठ सुनता हर कोई
अमल नहीं पर करते हैं
                   प्रियंका"श्री"
                   11/4/18

2 comments:

  1. वाह!!!
    क्या बात है...
    अवगुण बसे हृदय में ज्ञान कहाँ से आये
    बहुत सुन्दर

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  2. बहुत बहुत आभार सुधा जी

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