Monday, March 30, 2020

क़िरदार

इस दुनियां के रंगमंच पर
कलाकार भी कितनें सयाने होते है,
परिस्थितियों के हिसाब से रूप ,आत्मा
सब बदल देते है,
भूमिकाओं का दौरा खत्म होते ही
असली किरदार अपना लेते है।
आह भी निकलती है तब,
जब गिरना पर्दे का शुरू होता है।
प्रियंका श्री
30।3।20

Saturday, March 28, 2020

सड़कों पर गुजरते लोग

सड़कों पर पड़े कंकणों की ये कैसी ध्वनि थी
जिसमें अश्रु पसीना लहूँ की नमी थी
हर एक कदम को छुआ था जिसनें
कुछ न कर पाने की तड़प थी जिसमें
शायद उसने भी चुभनें की चाह त्याग दी थी
होती भी क्यों नहीं
उनके पैरों में भूख प्यास की जो कमी थी।
प्रियंका श्री
28।3।20

Monday, March 9, 2020

होली एक निवेदन

                एक निवेदन

रंगों का त्यौहार आ गया । साथ लेकर आया हर्षोल्लास और ढ़ेर सारी मस्ती।
बस इस मस्ती और खुशियों के बीच अपने मित्रों, जानने वालों और सभी जनों से सिर्फ एक निवेदन करती हूं कि
होली का त्यौहार खुशियों को बांटने का त्यौहार है। पुराने पड़े गिले-शिकवे मिटाने का त्यौहार है। और इसे कृपया इसी रूप में मनाए।

इस त्यौहार न किसी बच्ची,लड़की व नारी के साथ दुर्व्यवहार करें। अगर उनका उत्तर आपके प्रश्न के एवज़ में "ना" निकले तो उसका अर्थ "ना" ही समझे व उसके अनुरूप ही शालीनता पूर्ण व्यवहार करें।

कृपया कर जानवरों को रंगों से युक्त पानी या किसी भी प्रकार का रंग न लगाये जो उनके शरीर के लिए हानिकारक सिद्ध हो।

होली मानने की खुशी में बड़ो का सम्मान न भूलें, होली में ली गयी ठंडाई आपको आपके संस्कार भूलने के लिए नही होती।

जानकर ऐसे काम न करें जिससे किसी का भी जीवन और हमारा पर्यावरण प्रभावित हो।

हर वर्ष पर्व मानव जीवन में खुशियों को मानने के लिए आते है न कि कष्ट व दुख देने को।

आप सब से विनती है कि धीरे-धीरे ही सही अगर शुरुआत एक ने भी कर दी तो पूरा समूह बनने में वक़्त नही लगेगा।

आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएं।
प्रियंका"श्री"
9/3/20

कविता

जब जब सोचा   आखिरी है इम्तिहान अब ।  मुस्कुराकर मालिक ने कहा   खाली जो है  बैठा  दिमाग उसका शैतान है उठ चल , लगा दिमाग के घोड़े कस ले चंचल म...