मेरे शब्दों से जान लेना मेरी मायूसी का सबब
अब लिखे खत भी अनसुने हो जाते है
प्रियंका श्री 3।4।20
जब जब सोचा आखिरी है इम्तिहान अब । मुस्कुराकर मालिक ने कहा खाली जो है बैठा दिमाग उसका शैतान है उठ चल , लगा दिमाग के घोड़े कस ले चंचल म...
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