मन का साहस बांध कर
बस आगे बढ़ते चलना
न डरना ,न ही है ,घबराना
बिना फल चिंता किये
बस आगे बढ़ते जाना
रास्तों पर अवरुद्ध कई मिलेंगें
होगा शुरू कदम डग बगाना
संभालना है तुझे खुदको
गिरना ,उठना भी है तुझको
टूटने न देना साहस मन का
जिद में है कर गुज़रना
जब तक न मिले मंजिल
चलते कदमो को ना रोकना
एक दिन वो भी आएगा
मंजिल करीब ओर
रास्ता छोटा हो जायेगा
देखा तेरा हर सपना
अपने मुकाम पर आएगा
~प्रियंका~"श्री"
सुंदर!!!
ReplyDeleteधन्यवाद विश्वा जी।
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