कहा प्रभु ने जीवात्मा से
वक़्त तेरा धरती पर
जन्म का आया है
मेरा आशीर्वाद है तुझे
जन्म तेरा उच्च कुल में होने वाला है।
सुन वत्स चिंतित होकर
बोल पड़ा भगवान से
आरक्षण नामक राक्षस
धरती पर पाया जाता है
धरती पर उच्च कुल में पैदा होना
मौत से बत्तर हो जाता है
दिया वरदान आपका यह
अभिशाप सा प्रतीत होता है।
अचंभित होकर प्रभु ने
कारण इसका पूछ लिया
भगवान के निवेदन पर वत्स
ने उनकों ये उत्तर दिया।
पूरी कहानी आरक्षण की आज में
आपको सुनता हूँ
सामान्य वर्ग की विरह वेदना
आज मैं आपको बताता हूँ।
दीन दलित लोगों के
सुधार के लिए इसे जन्मा था
दिलाने समाज में मान सम्मान
इसको आगे रगड़ा था
जब इसने पूरी धरती पर
अपना पैर पसारा था
धरती पर आरक्षण नामक
एक असुर तब अस्तित्व में आया था
धीरे धीरे जिसने सामान्य वर्ग
को अपना आहार बनाया था।
आज न कोई दीन
न दलित बच पाया है
दीन दलित की श्रेणी में
अब सामान्य वर्ग आया है।
आरक्षण के इस खेल में
न जाने कितने हीरे पत्थर रहे
और न जाने कितने पत्थर को
हीरे की भांति दिखलाया है।
हर क्षेत्र में अब इसका
ही बोल बाल है
जिसको न ज्ञान सही से
उसके हाथों में उद्धार दे डाला है।
वत्स रोते हुए-
अभी तक तो सरकारी ,शिक्षा के क्षेत्र में
ही ये मौजूद था
सुना मेने अब तो निजी क्षेत्रों
के लिए भी ये चुना गया
ऐसे में कैसे प्रभु मैं
जीवन यापन अपनों का कर पाउँगा।
अतः विनती आपसे
बस यही अब कह पाउँगा
जन्म मुझे गर देना
तो दलित वर्ग में ही देना
वरना मुझे कभी भी धरती पर
जाने को मत कहना।
जान आरक्षण की महिमा
प्रभु भी चिंतित हो गए
सोचा अगर ये धरती से
स्वर्ग लोक में आ गया।
क्या होगा ये सोचकर भी
मन उनका घबरा गया
सबसे अच्छा इस असुर को
धरती पर ही रहने दो
वत्स ये वर में देता तुमको
इसको दलित वर्ग में
ही जन्म लेने दो।
वर सुनकर जीवात्मा
अत्यंत प्रसन्न हो गई
धरती पर आरक्षण नाम के
असुर से जो वो बच गई।।
~प्रियंका"श्री"
7/11/17
वाह्ह्ह....प्रियंका जी...बहुत खूब👌👌
ReplyDeleteबहुत बहुत आभार स्वेता जी
ReplyDeleteएक असुर तब अस्तित्व में आया था, धीरे धीरे जिसने सामान्य वर्ग
ReplyDeleteको अपना आहार बनाया था।
सहमत हूँ मैं आपकी भावनाओं से।।।।
Bahut bahut shukriya purushottam ji
ReplyDeleteBahut bahut shukriya purushottam ji
ReplyDeleteHehehe sahi kha ekdum
ReplyDeleteथैंक यू निधि
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