तबाह कर चले है
वो जिंदगी अपनी,
किसी खुदगर्ज़ ,
इंसान के लिए।
दिखा सब कुछ उन्हें ,
न दिख सके तो बस
हम,
थी जिसके दिल में मोहब्बत
सिर्फ और सिर्फ उनके लिए।
प्रियंका"श्री"
2/6/18
जब जब सोचा आखिरी है इम्तिहान अब । मुस्कुराकर मालिक ने कहा खाली जो है बैठा दिमाग उसका शैतान है उठ चल , लगा दिमाग के घोड़े कस ले चंचल म...
जिंदगी इसी का नाम है
ReplyDeleteवो जफा करे हम वफा आखिर कब तक करें।
ReplyDeleteउम्दा।
वाह्ह...लाज़वाब ..👌👌
ReplyDeleteशुक्रिया लोकेश जी
ReplyDeleteशुक्रिया लोकेश जी
ReplyDeleteयही ज़माना है ...
ReplyDeleteप्रेम किसको दिखता है आज ...