Monday, June 1, 2020

शायरी

नहीं आएगा अब कोई खत 
तेरे नाम से
न तुझे परेशान करेगा कोई अब
मेरे नाम से
गुजर चुका है जो वक़्त ,अब लौटेगा
नहीं
बस ठहरे मत रहना वही मेरे नाम से।
प्रियंका श्री
130।5।20

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कविता

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