Thursday, March 10, 2022

कविता

वक़्त की राह ,वक़्त की चाह 
वक़्त की एहमियत बतला जाती है 
जब वक़्त कम ,लंबे रास्ते , 
मंजिले दूरतलक आकाशमय प्रतीत हो जाती है
फिर से चलो इस वक़्त को थाम लेते है
कुछ वक़्त के लिए ही सही
 सबको अलविदा कहते है।
Priyaanka khare

2 comments:

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" बुधवार 16 मार्च 2022 को लिंक की जाएगी ....

    http://halchalwith5links.blogspot.in
    पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!
    !

    अथ स्वागतम् शुभ स्वागतम्

    ReplyDelete
  2. शुक्रिया पम्मी जी

    ReplyDelete

कविता

जब जब सोचा   आखिरी है इम्तिहान अब ।  मुस्कुराकर मालिक ने कहा   खाली जो है  बैठा  दिमाग उसका शैतान है उठ चल , लगा दिमाग के घोड़े कस ले चंचल म...