Saturday, December 29, 2018

थोड़ा सा विश्वास

जो लिखा है तेरी किस्मत में,
वो देगा जरूर तुझे।
कर यक़ीन बस,
उस पर इतना।

छोड़ सब चिंताएँ
उस पे।

दर पे आये ,उसके जो
हाथ खाली न जाने देता ।

कभी किसी को
देर भली,
किसी को जल्दी है मिलता।

कितना किसको मिलना है,
ये तो उसका कर्म भाग्य कहे।

देता है वो, गर रख यकीन जो
बस इतना उस पर विश्वास करें
                       प्रियंका"श्री"
‌                       29/12/18

Wednesday, September 12, 2018

तीज की शुभकामनाएं

हाथों में डाल लाल चूड़ीयाँ,
मांग में भर लाल सिंदूर,
ओढ़ लाल चुनर सिर से,
मांगती हूँ वादा तुझसे ,
साथ सात जन्मों का ,
वर यही मांगू प्रभु से,
सजती रहूँ यूँ ही हर तीज पे।
                       प्रियंका"श्री"
                       12/9/18
तीज का व्रत करने वाली सभी महिलाओं को बहुत बहुत शुभकामनाएं.....

Sunday, September 9, 2018

शायरी

कुछ पल फुर्सत से बैठ लिया जाए
सबसे तो मिल लिए,चलो अब खुद से
मिल लिया जाए।
                  प्रियंका"श्री"
                 10/9/18

Thursday, August 30, 2018

न जाने क्यों?...

न जाने क्यों?,कैसे ?,चुने थे वो रास्ते,
जिन्हें कहते थे गलत सभी,
वो मासूमियत थी या थी कोई खता ,
जो बढ़ चले थे कदम जहां ,
न जाने क्या कशिश थी वहां,
जो न देख सके काँटों का ज़हान,
चलते चले ,सहते रहे ,गम ए दर्द
जिंदगी का,
मगर न थम सके उन कदमों के निशान,
एहसास ही न हुया की रास्ते गलत थे ,
कदमों के निशान जिनपे चिन्हित हो चले थे,
जब अनुभवों ने अपना जाल बिछाया,
सही गलत का फर्क समझाया,
अचेतन मन मे चेतना का आलोक
जलाया,
सही राह से अवगत कराया,
ये तू ही है जो सदा से मेरे मन मे समाया,
मेरे ईश्वर ने आज मुझे ,
सही मार्गर्दर्शन दिखलाया।
                     प्रियंका"श्री"
                     29/8/18
                     

Friday, August 17, 2018

शायरी

कई आशियानें बदलें हमनें तेरी एक तलाश में
अब जब तू मिला है तो दिल को चैन नही है
                                         प्रियंका"श्री"
                                         17/8/18

Tuesday, June 5, 2018

ख़याल

पूछते है हाल सब हमसे,अब उन्हें बताये क्या
मुस्कुरा कर कह देते है ,सब ठीक है,
किसी को अश्क अब अपने दिखाए क्या।
                         प्रियंका"श्री"
                         5/6/18

Friday, June 1, 2018

ख्याल

तबाह कर चले है
वो जिंदगी अपनी,
किसी खुदगर्ज़ ,
इंसान के लिए।

दिखा सब कुछ उन्हें ,
न दिख सके तो बस
हम,
थी जिसके दिल में मोहब्बत
सिर्फ और सिर्फ उनके लिए।
                 प्रियंका"श्री"
                 2/6/18

कविता

जब जब सोचा   आखिरी है इम्तिहान अब ।  मुस्कुराकर मालिक ने कहा   खाली जो है  बैठा  दिमाग उसका शैतान है उठ चल , लगा दिमाग के घोड़े कस ले चंचल म...