गलतियाँ हो रही हैं
सीखने का जुनून भी है
सिखाने वाले ज़रा मुस्कुराकर
फ़रमा तो दीजिये
सीखे हुए हम घोड़े नही
लहराती पकी फसल न सही
नादान है कच्ची मिट्टी की तरह
प्यार से ही ढ़ाचे में ढाल तो दीजिये
कटु शब्दों के तीर से
विचलित होता है मन
कुछ मीठे गीत गाकर
इसे मना तो लीजिए
गलतियां हो रही हैं
सीखने का जुनून भी है
सिखाने वाले ज़रा मुस्कुराकर
फ़रमा तो दीजिये।
हम तो ना कारा
अशुध्दियों से भरे हुए
फलदार वृक्ष की तरह
धैर्य लेकर ही
सही ज्ञान दे ही दीजिए
गलतियां हो रही हैं
सीखने का जुनून भी है
सिखाने वाले ज़रा मुस्कुराकर
फ़रमा तो दीजिये।।
~प्रियंका"श्री"
25/10/17
नए ढंग की नई रचना एक नए विषय को उठाती हुई। आदरणीय प्रियंका जी बहुत शुभकामनाएँ।
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