Thursday, March 1, 2018

होली

        
रंग हरा गुलाबी नीला पीला
बिखरा है आसमानों में
झूम उठा है हर का मन
होली के त्यौहारों में
हर दिशा में फैला है
अद्भुत सा एक शोर
लोग थिरक रहे है देखो
होली के मनभावन गानों में
बूढ़ो बच्चों जवानों में
छाया है कितना जोश
दौड़ रहे है देखो कैसे
ये सड़को बाजारों में
धूम मचाओ नाचो गाओ
अपनों परायों में
पर न करना आहत
किसी के मन को
कहकर -"होली है"
ऐसी बातों में।
                           ~प्रियंका"श्री"
                              2/4/18

5 comments:

कविता

जब जब सोचा   आखिरी है इम्तिहान अब ।  मुस्कुराकर मालिक ने कहा   खाली जो है  बैठा  दिमाग उसका शैतान है उठ चल , लगा दिमाग के घोड़े कस ले चंचल म...