रंग हरा गुलाबी नीला पीला
बिखरा है आसमानों में
झूम उठा है हर का मन
होली के त्यौहारों में
हर दिशा में फैला है
अद्भुत सा एक शोर
लोग थिरक रहे है देखो
होली के मनभावन गानों में
अद्भुत सा एक शोर
लोग थिरक रहे है देखो
होली के मनभावन गानों में
बूढ़ो बच्चों जवानों में
छाया है कितना जोश
दौड़ रहे है देखो कैसे
ये सड़को बाजारों में
छाया है कितना जोश
दौड़ रहे है देखो कैसे
ये सड़को बाजारों में
धूम मचाओ नाचो गाओ
अपनों परायों में
पर न करना आहत
अपनों परायों में
पर न करना आहत
किसी के मन को
कहकर -"होली है"
ऐसी बातों में।
~प्रियंका"श्री"
2/4/18
कहकर -"होली है"
ऐसी बातों में।
~प्रियंका"श्री"
2/4/18
वाह!!सुंंदर ।
ReplyDeleteधन्यवाद शुभा जी
Deleteहोली प्रवण मन का गान👌👌👌👌
ReplyDeleteबहुत सुंदर
ReplyDeleteबहुत प्यारी अहसासों से सजी सुंदर कविता
ReplyDelete