दोस्त याद न करें ,तो एक उम्र अधूरी सी लगती है जिंदगी अपनी तो है मगर ,खफ़ा खफ़ा सी लगती है शुभरात्रि प्रियंका श्री 27/3/18
सुंदर शेर !!!!!!!!!!!!
आभार रेणु जी
वाह उम्दा शेर ।
आभार दी
क्या बात क्या बात !
थैंक यू dear
बहुत खूब
आभार लोकेश जी
जब जब सोचा आखिरी है इम्तिहान अब । मुस्कुराकर मालिक ने कहा खाली जो है बैठा दिमाग उसका शैतान है उठ चल , लगा दिमाग के घोड़े कस ले चंचल म...
सुंदर शेर !!!!!!!!!!!!
ReplyDeleteआभार रेणु जी
Deleteवाह उम्दा शेर ।
ReplyDeleteआभार दी
Deleteक्या बात क्या बात !
ReplyDeleteथैंक यू dear
Deleteबहुत खूब
ReplyDeleteआभार लोकेश जी
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