मेरी बैचेनियों का आलम न पूछिये जनाब, गर मेरे दर्द को अल्फ़ाज़ मिल गए तो, यकीनन! आपको भी मेरे दर्द से इश्क़ हो जाएगा। प्रियंका"श्री" 27/5/18
यकीनन! बेहतरीन पंक्तियां....
यकीनन, क्या है ख्वाब ये!http://purushottamjeevankalash.blogspot.com/2018/05/blog-post_27.html
बिन लफ्जों के भी अहसास है मौन सभी कह जाय जो मौन कह जात है अल्फाज नहीं कह पाये
तेरे एहसास में जीता हूँ तेरे एहसास मे मरता हूँ मोहब्बत तेरे दर्द से हुईतुझे क्या खबर मै कैसे जीता हूँ @p&r
जब जब सोचा आखिरी है इम्तिहान अब । मुस्कुराकर मालिक ने कहा खाली जो है बैठा दिमाग उसका शैतान है उठ चल , लगा दिमाग के घोड़े कस ले चंचल म...
यकीनन!
ReplyDeleteबेहतरीन पंक्तियां....
यकीनन, क्या है ख्वाब ये!
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बिन लफ्जों के भी अहसास है
ReplyDeleteमौन सभी कह जाय
जो मौन कह जात है
अल्फाज नहीं कह पाये
तेरे एहसास में जीता हूँ
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मोहब्बत तेरे दर्द से हुई
तुझे क्या खबर मै कैसे जीता हूँ
@p&r